दुनिया में पहली बार किसी नदी को मिले मनुष्यों के समान अधिकार

दुनिया में पहली बार किसी नदी को मिले मनुष्यों के समान अधिकार

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प्रकृति ने यूँ तो दुनिया में सभी चीज़ों को बनाने में कोई भेदभाव नहीं किया लेकिन इंसानों ने अपने बुद्धिबल के चलते दूसरे सभी जीवों और चीज़ों को अपने से कमतर दर्जा ही दिया है. लेकिन दुनिया में पहली बार अब किसी नदी को वे सभी अधिकार प्राप्त होंगे जो किसी इंसान को प्राप्त होते हैं.

News.com.au

न्यूजीलैंड की संसद ने बुधवार को वांगनुई नामक नदी को कानूनी मानवाधिकार देने संबंधी बिल पास कर दिया है. दुनिया में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी नदी को मनुष्य के समान सजीव अस्तित्व मानकर कानूनी अधिकार दिया गया है.

वांगनुई न्यूज़ीलैण्ड की तीसरी सबसे बड़ी नदी है जो मध्योत्तर द्वीप से निकलकर 145 किलोमीटर की दूरी तय कर समुद्र में मिलती है. इस बिल के पास होने से अब इस नदी को भी मनुष्यों के समान वैधानिक अधिकार मिल गए हैं. अर्थात अब यदि कोई इसे हानि पहुंचाएगा तो उसे उन्हीं कानूनी धाराओं का सामना करना पड़ेगा जो किसी मनुष्य को हानि पहुँचाने पर लगती हैं.

इस बिल के पास होते ही स्थानीय माओरी समुदाय में ख़ुशी की लहर दौड़ गई है. माओरी जनजाति के लोग वांगनुई नदी को अपना पूर्वज मानते हैं और उसका बहुत सम्मान करते हैं.

नदी को मिले कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए दो लोगों की नियुक्ति की जायेगी जिनमें से एक माओरी समुदाय का होगा जबकि दूसरे की नियुक्ति सरकार करेगी.

 

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