ये तस्वीरें बताती हैं कि कभी भी अनाड़ी आदमी से फोटो खींचने...

ये तस्वीरें बताती हैं कि कभी भी अनाड़ी आदमी से फोटो खींचने को क्यों नहीं कहना चाहिए

0
SHARE

अक्सर हम लोग जब घूमने जाते हैं तो एक काम जो अवश्य करते हैं, वह है फोटो लेना. कभी कभी इस काम में अनजान लोगों की मदद भी लेते हैं, खासकर जब ग्रुप फोटो लेना हो. लेकिन ये बिलकुल जरूरी नहीं कि जिसे आपने फोटो खींचने को कहा है उसे सही तरीके से फोटो खींचनी आती ही हो. कई बार कोई अनाड़ी पल्ले पड़ जाए तो फोटो का सत्यानाश भी हो जाता है.

सीधी सी बात ये कि अनाड़ी के हाथ में कैमरा भी कुछ वैसा ही है जैसे बन्दर के हाथ में उस्तरा. यकीन न आये तो देख लीजिये ये तस्वीरें –

#1 चार में से सिर्फ दो लोगों के चेहरे आ पाए हैं .. जय हो फोटोग्राफर की

#2 ये समझना बिलकुल कठिन नहीं कि ये भाईसाहब झुकी हुई मीनार को थामते हुए फोटो खिंचाना चाहते थे लेकिन फोटोग्राफर ने क्या कर दिया, देख लीजिये

#3 भाई लेंस के आगे से ऊँगली तो हटा लेता !

#4 कहाँ फोकस करना था और इन्होने कहाँ कर दिया

#5 गनीमत है आप आधे अधूरे ही सही, फ्रेम में आ तो गए

#6 बड़े अरमानों से ये तस्वीर खिंचाई होगी इन्होने … ज़रा ढूंढो तो कहाँ है ?

#7 बेचारा लड़का

#8 क्या यादगार तस्वीर खींची है

#9 दुनिया चेहरों की तस्वीर खींचती है, इन्होने पैरों की खींच दी … अभिनव प्रयोग !

#10 शुक्र है हाथ तो आ गए तस्वीर में

#11 बहुत अच्छे

#12 क्यों ? आखिर क्यों खिंचवाया आप लोगों ने ये फोटो ?

अब जान लीजिये, कि ‘बायकाट’ शब्द का जन्म कैसे हुआ ?

(All images are curated from Acidcow.com)

 

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY