इन 5 जरूरी कामों में व्यस्त रहने से लड़के हो रहे हैं...

इन 5 जरूरी कामों में व्यस्त रहने से लड़के हो रहे हैं पढ़ाई में फिसड्डी

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आजकल देखने में आ रहा है कि पढाई के मामले में लड़के लड़कियों की तुलना में फिसड्डी साबित होते जा रहे हैं. भारतीय माँ-बाप की आशाओं का केंद्र यूँ भी अधिकांशतः लड़के ही होते हैं इसलिए लड़कों का यह व्यवहार समाज में चिंता का विषय बनता जा रहा है.

आखिर लड़के पढ़ाई के मामले में क्यों लड़कियों से पिछड़ रहे हैं, इसकी वजह जानने के लिए हमने अलग-अलग शहरों के कई लड़कों से बात की और जो निष्कर्ष सामने आये वे इस प्रकार हैं –

1. पैसे की तंगी

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Photo : dreamstime.com

पैसों को लेकर लड़कों का हाथ हमेशा तंग रहता है. उन्हें घर से जो पॉकेट मनी मिलती है वह पर्याप्त नहीं होती है. घरवाले अपनी नासमझी के कारण उन्हें एक व्यक्ति के हिसाब से जेबखर्च देते हैं जबकि उन्हें अपने साथ-साथ अपनी गर्ल-फ्रेंड का भी खर्च उठाना पड़ता है. उसके मोबाइल का रिचार्ज, कैफ़े या रेस्टोरेंट का बिल तथा समय-समय पर गिफ्ट देना आदि कुछ ऐसे खर्चे हैं जो करने ही पड़ते हैं. इसकी वजह से लड़कों के पास पैसे की तंगी हो जाती है और वे तनावग्रस्त रहते हैं. अब बन्दे को टेंशन होगी तो वह  पढ़ाई क्या खाक़ करेगा ?

2. क्रिकेट मैच

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Photo : Irishexaminer

लड़कों को क्रिकेट मैच भी देखने होते हैं साथ ही साथ सारे रिकॉर्ड भी मुंहजबानी याद रखने होते हैं, अन्यथा दोस्तों के बीच में बेइज्जती होने का खतरा रहता है. इस के चक्कर में लड़कों का बहुत सारा समय व्यर्थ हो जाता है जबकि लड़कियों को मैच आदि में कोई दिलचस्पी नहीं होती और वे पढ़ाई करती रहती हैं.

3. फेसबुक

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लड़कियों का फेसबुक पर बमुश्किल एक अकाउंट होता है जबकि लड़के बेचारों को अपने ओरिजिनल अकाउंट के साथ-साथ चार-पांच फेक अकाउंट भी मेन्टेन करने पड़ते हैं, जिसमें उनका बहुत सा समय और श्रम चला जाता है.

4. सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का प्रयास

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दोस्तों के बीच में आपसी सौहार्द्र और भाईचारा बनाए रखने के लिए लड़कों को महीने में चार-पांच बार बीयर-पार्टी भी करनी पड़ती हैं जो देर रात तक चलती हैं, जबकि लडकियां इस तरह के सामाजिक आयोजनों से दूर रहती हैं और अपना समय पढ़ाई को दे देती हैं.

5. लड़कियों के हॉस्टल एवं कॉलेज में घुसने पर प्रतिबन्ध

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सरकार ने लड़कों के ऊपर प्रतिबन्ध लगा रखा है कि वे लड़कियों के कॉलेज एवं हॉस्टल में घुस नहीं सकते, जिसके कारण उन्हें पढ़ाई छोड़ कर सड़क पर खड़े होकर घंटों तक अपनी गर्लफ्रेंड के निकलने का इंतज़ार करना पड़ता है, जबकि लडकियां जान-बूझ कर बाहर नहीं निकलती हैं और पढ़ाई करती रहती हैं.

इन कुछ वजहों को बताने के साथ-साथ लड़कों ने हम से निवेदन किया है कि हम सरकार तक उनकी ये बात पहुंचाएं कि उपरोक्त कारणों को ध्यान में रखते हुए लड़कों को परीक्षा में कम से कम 10% बोनस अंक दिए जाए.


(Note – The article is created only for the purpose of entertainment. Images, where not mentioned are curated from : Google)

 

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